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Published Article in उड़ान ... एक अनुभूति। A quarterly magazine

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पर्वत की विडंबनाएँ यूँ तो भारत अपने विभिन्न कारणों से पर्यटन का केंद्र है लेकिन एक ऐसा भी हिस्सा है जो देसी/विदेशी सभी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है, और वह है यहाँ के पहाड़ और उनका मनोरम वातावरण, प्राकृतिक सम्पदा और पहाड़ियों की मासूमियत में लिपटी सादगी सी भरी खुशमिजाज़ ज़िन्दगी। आप चाहे उत्तर या उत्तर-पूर्वी पहाड़ियों पर आच्छादित बर्फ़ का आनंद उठाना चाहते हो या दक्षिण भारत या पश्चिमी भारत के बादलों से घिरे पहाड़ों का आनंद उठाना चाहे, सबका एक अलग आनंद होता है। और फिर दुधिया रँग से प्रतीत झरने जो आपको भी मचलने के लिए विवश कर देते है। चहल कदमी करते मिल ही जाती है फूलों की क्यारियाँ फिर क्या कश्मीर, शिमला या ऊटी। झुके बादलों को देख कर लगता है अभी पकड़ कर रख लूँ या फिर इनमे ही कहीं छुप जाऊँ। ठंडी हवा के साथ ओस के बूंदों की छुअन जीने की ललक बढ़ा जाती है। सँकरे रास्तों से गुज़रते हुए मूल निवासियों की मुस्कान देख कर लगता कि कैसे खुशहाल सी ज़िन्दगी को हमने उलझा रखा है। किसी भी पर्यटक के नज़रिए से पहाड़ पर बसने की ख्वाहिश शायद आखरी होती होगी, लेकिन यह रूमानी ऐनक उतार कर शायद ही कोई पहाड़ियों के संघर्ष...

Emotions का loose motion..

Emotions ऐसी dysentery है जो शुरु हो जाये तो आसानी से नही रूकती। अभी कुछ दिन से चुनाव की चिलम चढ़ा के सब मज़े ले रहे थे कि इतने में Mother's Day ने emotion में twist दे दिया। एक ही दिन में लगने लगा आज कहीं सब के सब बौराए ह...

Published Article / वंशवाद का प्रजातंत्र

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वंशवाद का प्रजातंत्र भारत में जबसे प्रजातंत्र प्रणाली स्थापित हुई तबसे विश्व में एक मिसाल कायम हुई की प्रजातंत्र व्यवस्था से ही देश को भली-भाँती और शान्तिपूर्वक चलाया जा सकता है। अन्य देशों की तरह भारत में न ही धर्म प्रधान है न ही शासकीय व्यवस्था की व्यवस्था संभव है। जनता अपना प्रतिनिधि खुद चुनती है और उन्हें नेता का दर्ज़ा देकर उन्हें देश का नेतृत्व करने का अवसर प्रदान करती है ताकि आने वाले समय के लिए देश उन्नति की ओर अग्रसर रहे। नेतागण का फिर यह फ़र्ज़ होता है कि वह जनता के कसौटी पर खरा उतरे और देश के साथ देशवासियों के उज्जवल भविष्य के लिए पथ-प्रदर्शक के रूप में सामने आये। देश के पहले प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ श्री जवाहरलाल नेहरु जी को और फिर उनके उपरान्त श्री लाल बहादुर शास्त्री को। लेकिन वक़्त के बदलते ही इस प्रजातंत्र प्रणाली का अस्तित्व धूमिल होने लगा। नेता खुद ही फैसला करने लगे की अगला उम्मीदवार कौन होगा और फिर शुरू हो गयी हर क्षेत्र में अपने वर्चस्व को बढ़ावा देने की होड़। 80 के दशक के बाद तो भाई-भतीजावाद इस क़दर हावी हुई की लगने लगा जनता अब सिर्फ मूक दर्शक का किर...

Samsung Galaxy S5 और आस-पास

Competition is something which always keep you on your toe and in business industry its a day-to-day activity, as every product needs a market and then customers. Hence Samsung launced its new smartphone from Galaxy's kity... Galaxy S5! The handset is powered with same chipset as in Galaxy S4....sad? .. but hey, its slightly overclocked from 2.3GHz to 2.5GHz. With this set, it seems Samsung is trying hard to make an impression in US market and really wants to compete with Apple's iPhones. Considering US's fascination with fitness, Samsung unveiled S5 along with a pair of themed watches. The best thing is they attempted to combine the best features of the top-of-the-line fitness tracker and it includes built-in heart rate monitor, pedometer & fitness tracker. Now keeping Fitness aside, S5 have some other upgrades too. This time 16 megapixel is sharper than its predecessor S4. It is also designed to focus quickly and lets you to blur the foreground or background of an i...

मनोरँजन चाहिए मुझे।

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For Entertainment we people might have lots of options - like internet, daily soaps on TV, movies, sports and...blah blah as per one's choice. But there's one thing which always entertains our countrymen, that's Politics and it's in & around drama. And, if one wants to be entertained all the time, then do follow the daily news and all social media. I must say, Politics and its few of dramas are cooked up so often that its always trending across social media. The regular hue and cry in our Parliament sometimes make us to wonder whether we really need any reality shows or daily soaps. Parliament sessions do hosts all kinds of shows. There you can see people crying/shouting/thumping/jumping. If this is not in trend, there will be disruptions in the name of protests, so you have violence also. They don't mind in exposing, so you have adultery too. If anybody got injured then its a tragedy and if everybody is fine, consider that show a family drama. If you want this...

खामोश।

ख़ामोश। न न घबराइए नही, न तो मैं किसी फ़िल्मी शख्सियत के संवादों का बखान करनेवाला हूँ और न ही अपने देश के कर्णधारों के श्लोकों का विश्लेषण करने वाला हूँ। बस इनसे जुड़ी हुई कुछ ऐ...

Published Article....

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  सौंदर्य और बदलते वक़्त में उसका परिदृश्य Pic Courtesy : Google सौंदर्य इन्सान का वो अभिन्न हिस्सा है जिसके बगैर वो हमेशा अपने को अधुरा समझता है। यह एक चरित्र का हिस्सा है जिसका उल्लेख हर विषय और काल में मिलता आया है। वहीँ सौंदर्य कभी विषय - वस्तु के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। आज से नही बल्कि आदिकाल से यह खेल के रूप में भी प्रस्तुत हुई है। वेद - पुराणों में भी इसका उल्लेख मिलता है की किस तरह देवताओं ने तपस्या करने वालों का ध्यान भंग करने के लिए अप्सराओ का सहारा लिया था। उन्होंने तो सुंदर स्त्री का रूप धर कर दत्यों का भी नाश किया था , लेकिन वह उन्होंने जन कल्याण और सत्यता की जीत के लिया किया था। Pic Courtesy : Google लेकिन अब तो कलयुग है और आज के काल में सौंदर्य की महत्ता कुछ और हो गयी है। अब सौंदर्य आदिकाल के ठीक विपरीत परिस्थितयों में बसर कर रहा है , क्यूँकी अब सौंदर्य सिर्फ विषय - वस्तु है जिसकी लोलुपता ...